Friday, July 28, 2017

शौक-ए-हमसफर


2 comments:

  1. very informative post for me as I am always looking for new content that can help me and my knowledge grow better.

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मंदिर में महिलाएं

अधजगी नींद सी कुछ बेचैन हैं तुम्हारी आंखें, आज काजल कुछ उदास है थकान सी पसरी है होंठों के बीच हंसी से दूर छिटक गई है खनक, आओ...