Sunday, July 9, 2017

उनको अब तुम जाने न दो

बरसो मेघा , जम  के बरसो
वो आये हैं ! उन को अब तुम जाने न दो ,
मुझको  जितनी रहीं दिक्कतें ;
उनको पूरा सुन लेने दो।
उनने जितने पतझड़ झेले
उनको पूरा कह लेने दो ,
वर्षा बनकर समय दिला दो
 बातें बनकर गले मिला दो ,
साथी बनकर रहे है तन्हा ,
इस जीवन में हमें मिला दो
बरसो मेघा जम के बरसो
उनको अब तुम जाने न दो.


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