Thursday, August 3, 2017

एहतियात


1 comment:

  1. बहुत ही खूबसूरत अल्फाजों में पिरोया है आपने इसे... बेहतरीन

    ReplyDelete

स्वाद!

उनकी टपकती खुशी में छल की बारिश ज़्यादा है, आँखों में रौशनी से ज्यादा है नमी, धानी चूनरों में बंधे पड़े हैं कई प्रेम, ऊब की काई पर...