Tuesday, March 6, 2018

प्रणय रंग की बतियाँ



मेरे अधरों पर जब उनके गीत निखरते हैं,
मैं उनमे वो मुझमें कुछ ऐसे बसते हैं, 
वासंती मदमस्त हिलोरें उठती नैनों में, 
मेरे हिय में उनकी साँसे जीवन रचती हैं.


रंग रंग के फूल खिले हैं रंगीला है मौसम, 
धरती अम्बर डोल रहे हैं बदरी नाचे छम-छम, 
कोयल कूके बागन में और बंसी नदिया नारे, 
 प्रियतम के रंग ने रंग डारे रतिया, चंदा, तारे.


कानों में हर आहट कहती वो संदेशा आया, 
मन में मेरे मधुरस घोले ऐसा नेह है लाया, 
हुए बावरे नैन रंगीले अपनी सुध-बुध खोये, 
घूंघट के पट खोल नजरिया अंखियाँ खोले सोये. 


ऐसी प्रीत का घूँट पिया है मीरा बन कर डोली 
पिय के रंग में रंगी दुल्हनिया लाज-शर्म सब भूली 
प्रणय रंगों में खोकर, छुपकर प्रियतम को रंग आयी 
खुद को खोकर उसको पाया ऐसी रीत बनायी। 

(चित्र साभार google)








16 comments:

  1. वाह वाह बहुत खूब
    बहुत सुंदर

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  2. बहुत ही सुंदर प्रणय भाव और उनका शाब्दिक चित्रण. प्रवाहमयी भाषा के साथ. मेरी मुबारक बाद स्वीकारें

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    1. आदरणीय राजरंग जी, उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक आभार
      सादर

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  4. प्रिय अपर्णा ----- प्रीत के रंग में आकंठ डूबी प्रियतमा के आहलादित सर्वस्व को बहुत ही सजीले और मधुर शब्द दिए आपने | इसमें कुछ पंक्तियों से विस्तार देती हूँ ------

    खुद को खोकर उसको पाया ऐसी रीत बनायी। ---
    नेह परिमल से महक उठी सुने मन की अंगनाई --
    रचो रे ! सिंदूरी रंग पैर महावर- खिलो मेहदी हथेली पे -
    मैं जोगन बनी पिया बावरी -- प्रीत के रंग रंग आई !!!!!!!
    आपकी दूसरी रचनाओं से अलग रंग की सुंदरर रचना के लिए हार्दिक बधाई --प्रीत का मौसम यूँ ही खिला रहे |

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    1. प्रिय रेनू दी , आपका प्रेम और स्नेह मन में खुशियों की समा जला देता है। बहुत बहुत आभार।
      हर जॉनर में लिखना सीख रही हूँ.....
      आप सब का आशीर्वाद यूं ही बना रहे यही उम्मीद करती हूं। बहुत बहुत आभार
      सादर

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  5. नमस्ते,
    आपकी यह प्रस्तुति BLOG "पाँच लिंकों का आनंद"
    ( http://halchalwith5links.blogspot.in ) में
    गुरूवार 8 मार्च 2018 को प्रकाशनार्थ 965 वें अंक में सम्मिलित की गयी है।
    प्रातः 4 बजे के उपरान्त प्रकाशित अंक अवलोकनार्थ उपलब्ध होगा।
    चर्चा में शामिल होने के लिए आप सादर आमंत्रित हैं, आइयेगा ज़रूर।
    सधन्यवाद।

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    1. आभार आदरणीय रवींद्र जी मेरी रचना को चुनने के लिए
      सादर

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  6. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 08.03.2018 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2903 में दिया जाएगा

    धन्यवाद

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    1. मेरी रचना को चर्चा मंच पर शामिल करने के लिए बहुत बहुत आभार ।
      सादर

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  7. वाह बहुत सुंदर शब्दों का चयन
    खूबसूरत एहसासों को पिरोया
    शानदार रचना

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    1. शुक्रिया नीतू जी। आपकी सराहना से खुशी मिली।
      आभार

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  8. वाह्ह्ह...बहुत खूबसूरत रचना अपर्णा जी।
    आपकी कलम से निसृत प्रेम पगी सृजन की बधाई:)

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  9. I am extremely impressed along with your writing abilities, Thanks for this great share.

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