दुविधा
पैरों ने सबसे पहले शुक्रिया कहा जूतों को,
जूतों ने कदमों का साथ दिया,
कदमों ने रास्ते का चुम्बन लिया
और रास्ते ने सफलता झोली में डाल दी..
उनका साथ, उनका प्यार किसी दुविधा में नहीं था।
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बहुत अच्छा है ।
जवाब देंहटाएंधन्यवाद आलोक जी, सादर
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