संदेश

तारीख लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

प्रेम की तारीख

चित्र
आँखों की कोरों में एक सागर अटका था  दहलीज पर टिकी थी लज्जा आँचल खामोश था  थामे था सब्र ..... कि खुद से मिलने की घड़ी बीत न जाय. मौसम में थी बेपनाह मोहब्बत लबों पर जज्बातों की लाली  अलकों में अटका था गुलाबों का स्पर्श  नाचती धरती ने एक ठुमका लगाया वसंत ने ली अंगडाई  और प्रेम  तारीखों में अमर हो गया. (Image credit Google)